महा मृत्युंजय होमम हिंदू धर्म के सबसे शक्तिशाली और प्रभावी होमों में से एक है। यह भगवान शिव (मृत्युंजय - मृत्यु पर विजय प्राप्त करने वाले) के नाम पर किया जाने वाला यज्ञ है।
इस होमम की पूरी व्याख्या यहाँ दी गई है:
मृत्युंजय होमम की विशेषताएँ
"मृत्युंजय" का अर्थ है मृत्यु पर विजय। भक्तों का मानना है कि यह होमम अकाल मृत्यु से बचाव और दीर्घकालिक रोगों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।
होमम के लाभ
महत्वपूर्ण मंत्र
इस होमम में मुख्य रूप से महा मृत्युंजय मंत्र का पाठ किया जाता है:
ॐ त्रयंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम् |
उर्वरुकमिव बंधनन् मृत्युर्मुक्षीय मामृतत् ||
अर्थ: हम तीन नेत्रों वाले, सुगंधित और सर्वपोषक भगवान शिव की पूजा करते हैं। जिस प्रकार एक पका हुआ खीरा अपने छिलके से अलग हो जाता है, उसी प्रकार हमें मृत्यु (संसार के बंधन) से तो मुक्ति मिलनी चाहिए, लेकिन मोक्ष (अमरता) से नहीं।
होम प्रक्रिया
महा मृत्युंजय होमम आमतौर पर निम्नलिखित चरणों में संपन्न किया जाता है:
इसे कब करना चाहिए?
शुभ दिन: सोमवार, मास शिवरात्रि, महाशिवरात्रि या जन्म नक्षत्र के दिन।
समय: सुबह (ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय का समय) सबसे शुभ होता है।
यह होम आमतौर पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं या गंधक होने की स्थिति में ज्योतिषियों की सलाह पर शांति अनुष्ठान के रूप में किया जाता है।
यह होमम पूजा फल संबद्ध पुरोहितों द्वारा पारंपरिक, शुद्ध तरीके से, केवल भक्तों के नाम पर ऑनलाइन किया जाता है। संपूर्ण होमम की वीडियो रिकॉर्डिंग भक्तों के व्हाट्सएप पर भेजी जाती है।
* चेकआउट पर पूजा की तारीख, शहर और स्थान का विवरण भरें।
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महा मृत्युंजय होम