राहु-केतु शांति पूजा कुंडली में राहु और केतु ग्रहों की स्थिति अनुकूल न होने या काल सर्प दोष जैसी समस्याओं के निवारण हेतु की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु को छाया ग्रह और केतु को मोक्ष कारक ग्रह कहा जाता है। यह पूजा इन ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से जीवन में अचानक उत्पन्न होने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है।
इस पूजा का संपूर्ण विवरण यहाँ दिया गया है:
राहु-केतु दोष के लक्षण
इन दोषों की उपस्थिति में आमतौर पर निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न होती हैं:
• कार्य करने में अत्यधिक विलंब या अंतिम क्षण में कार्य रोकना।
• मानसिक बेचैनी, अनावश्यक भय और बुरे सपने।
• संतान संबंधी समस्याएं या वैवाहिक जीवन में बाधाएं।
• करियर और व्यवसाय में अप्रत्याशित हानि।
अनुष्ठान का विवरण
राहु-केतु शांति पूजा आमतौर पर नवग्रह पूजा के भाग के रूप में या विशेष रूप से राहु-केतु के लिए की जाती है।
1. मूर्ति पूजा: राहु की सीसे की मूर्ति और केतु की पीतल की मूर्ति स्थापित करके उनकी पूजा की जाती है।
2. अभिषेक: राहु-केतु की मूर्तियों पर दूध या अन्य पवित्र तरल पदार्थ चढ़ाए जाते हैं।
3. वस्त्र अर्पण: राहु को काला या नीला वस्त्र और केतु को बहुरंगी (चित्रित) वस्त्र अर्पण किया जाता है।
4. अन्न अर्पण: राहु को बाजरा और केतु को उलव अर्पण किया जाता है।
5. मंत्रों का जाप: वैदिक विद्वान राहु और केतु के आठ मंत्रों और गायत्री मंत्र का पाठ करते हैं।
o राहु मंत्र: "ॐ राम राहवे नमः"
o केतु मंत्र: "ॐ केम केथवे नमः"
पूजा कब और कहाँ करें?
• समय: राहु की दशा में या मंगलवार और शनिवार को यह पूजा करना उचित है।
• स्थान: आंध्र प्रदेश का श्रीकालहस्ती राहु-केतु पूजा के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसी प्रकार, कुंभकोणम के पास स्थित तिरुनागेश्वरम (राहु) और कीलापेरुमपलम (केतु) क्षेत्र भी अत्यंत शक्तिशाली माने जाते हैं।
• घर पर: यह पूजा घर पर शिवलिंग या नवग्रह यंत्र के सामने की जा सकती है।
पूजा के लाभ
• विकास: करियर और व्यापार में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और तरक्की होगी।
• स्वास्थ्य: विचित्र रोगों और मानसिक तनाव से राहत मिलेगी।
• सुख: परिवार में कलह कम होंगे और मित्रता बढ़ेगी। विवाह और संतान प्राप्ति के प्रयास सफल होंगे।
महत्वपूर्ण सुझाव: इस पूजा के बाद गरीबों को काले मोती या उलवा दान करने से दोषों का प्रभाव शीघ्र ही कम हो जाता है।
राहु-केतु शांति पूजा, पूजाफल से जुड़े पुजारियों द्वारा पूरी तरह से ऑनलाइन, पारंपरिक और शुद्ध तरीके से, भक्तों के नाम और गोत्र का उल्लेख करते हुए संपन्न की जाती है। संपूर्ण पूजा की वीडियो रिकॉर्डिंग भक्तों के व्हाट्सएप पर भेजी जाती है।
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राहु-केतु शांति पूजा
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