शनि देव के प्रकोप से सुरक्षा पाने और कुंडली में शनि दोषों की गंभीरता को कम करने के लिए सबसे प्रभावी पूजा "शनि शांति पूजा" है। यह पूजा आमतौर पर तब की जाती है जब शनि दिन के पहले दिन में हो, अष्टम शनि हो या मध्य अष्टम शनि हो।
इस पूजा से संबंधित संपूर्ण जानकारी यहाँ दी गई है:
शनि शांति पूजा का महत्व
भगवान शनि "कर्म फल प्रदत्तर" हैं। वे हमारे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि के प्रभाव से उत्पन्न बाधाओं, आर्थिक कठिनाइयों और स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए यह शांति पूजा आवश्यक है।
पूजा के लाभ
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
काला रंग भगवान शनि को अत्यंत प्रिय है। पूजा में मुख्य रूप से निम्नलिखित वस्तुओं का उपयोग किया जाता है:
पूजा विधि
मंत्र जाप: "ॐ प्रम प्रीं प्रौम सह सनैश्चराय नमः" या
"नीलंजन समाभासम रविपुत्रं यमग्रजं | छायामर्थंद सम्भूता तम नममि सनैश्चरं ||"
दान: पूजा के बाद, गरीबों या ब्राह्मणों को काले वस्त्र, तिल, तेल या लोहा दान करने से दोष की तीव्रता कम हो जाती है।
कब और कहाँ करें?
एक छोटा सा सुझाव: शनि देव अनुशासन से प्रेम करते हैं। इसलिए पूजा के साथ-साथ, बिना किसी को धोखा दिए दूसरों की मदद करने से शनि का आशीर्वाद शीघ्र प्राप्त होता है।
यह होमम पूजा फल संबद्ध पुरोहितों द्वारा परंपरागत और शुद्ध तरीके से, केवल ऑनलाइन माध्यम से भक्तों के नाम पर संपन्न किया जाता है। संपूर्ण होमम की वीडियो रिकॉर्डिंग भक्तों के व्हाट्सएप पर भेजी जाती है।
* चेकआउट पर पूजा की तारीख, शहर और स्थान का विवरण भरें।
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शनि शांति पूजा