वैशाख का महीना हिंदू धर्म में सबसे शुभ महीनों में से एक है। किंवदंती है कि तिरुमाला के भगवान वेंकटेश्वर स्वामी ने इसी महीने की शुक्ल पक्ष दशमी को देवी पद्मावती से विवाह किया था। इसीलिए वैशाख महीने में किया जाने वाला श्रीनिवास कल्याणम भक्तों के लिए बहुत खास है।
यहां वैशाख माह विशेष श्रीनिवास कल्याणम का पूरा विवरण दिया गया है:
वैशाख माह विशेषता
वैशाख माह को "माधव मासम" नाम दिया गया है। माधव का अर्थ है भगवान विष्णु। इस माह में किया गया दान, धर्म और देव आशीर्वाद अक्षय फल देगा। इस कल्याणोत्सव को विशेष रूप से श्रवण नक्षत्र या वैशाख शुक्ल दशमी को मनाने की परंपरा है जो स्वामी का विवाह नक्षत्र है।
कल्याण के लाभ
वैवाहिक पारस्परिकता: इस कल्याण को देखने से विवाहित जोड़े के बीच का बंधन मजबूत होता है।
विवाह की प्राप्ति: कुंड़ली के दोष दूर होते ही अविवाहित युवतियों का विवाह शीघ्र हो जाएगा।
सर्वसंपदा : लक्ष्मी स्वरूपा देवी पद्मावती की कृपा से घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती।
लोक शांति: यह त्योहार समाज में शांति और समृद्धि लाता है।
कल्याणम प्रक्रिया
श्रीनिवास कल्याणम की प्रक्रिया वैदिक मंत्रों के साक्षी रहते हुए सबसे शानदार तरीके से की जाती है।
विश्वकसेन की पूजा: वैष्णव परंपरा के अनुसार, सेना प्रमुख विश्वकसेन की पूजा बिना किसी विघ्न के सबसे पहले की जाती है।
पुण्याहवाचन: संपर्क द्वारा पूजा द्रव्यों की शुद्धि। प्रवर: स्वामी के वैकुंठ वंश और अम्मा के आकाशराज वंश क्रम का पाठ करना।
मंगलसूत्र धारण: सबसे शुभ मुहूर्त में, स्वामी की ओर से देवी पद्मावती को मंगलसूत्र धारण किया जाता है। इस समय भक्त गोविंदा के नाम का स्मरण कर रोमांचित हो उठते हैं।
तालंबरस: इस समारोह में मुख्य कार्यक्रम तब होता है जब स्वामी और अम्मावर एक-दूसरे पर मोती तालंबर डालते हैं।
नैवेद्यम और हरति: अंत में लड्डू, वड़ा और अन्य पेस्ट्री प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाते हैं और कपूर नीरजनम दिया जाता है।
भक्तों के द्वारा पालन किए जाने वाले नियम
श्रावण भक्ति: जब कल्याणम हो रहा हो तो भगवान की लीलाओं को सुनना या मन में "ओम नमो वेंकटेशाय" का जाप करना अच्छा होता है।
रेशमी वस्त्र: यदि संभव हो तो कल्याण को रेशमी वस्त्र चढ़ाएं या हल्दी-केसर चढ़ाएं, देवी की कृपा प्राप्त होगी।
**अन्नदानम:** इस महीने में कल्याणम के बाद अन्नदानम देना सबसे पवित्र है।
तिरुमला विसेश: वैशाख महीने के दौरान, तिरुमला क्षेत्र में "वसंतोत्सव" भी होता है जो भगवान को बहुत प्रसन्न करता है। भक्त इस समय श्रीनिवास कल्याण के दर्शन को जन्म का आशीर्वाद मानते हैं।
यह अनुष्ठान पूजा फल से जुड़े पुजारियों द्वारा पारंपरिक और शुद्ध तरीके से, भक्तों के नाम और गोत्र का उल्लेख करते हुए, केवल ऑनलाइन ही संपन्न किया जाता है। संपूर्ण पूजा की वीडियो रिकॉर्डिंग भक्तों के व्हाट्सएप पर भेजी जाती है।
* चेकआउट पर पूजा की तारीख, शहर और स्थान का विवरण भरें।
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पंडित आपके नाम और गोत्र का उच्चारण करके देवता का आशीर्वाद मांगते हैं।
वैशाख माह के लिए श्रीनिवास कल्याणम्
📅 इस निर्धारित पूजा की तारीख तय है।